यूपी में H1N1 को लेकर सीएम योगी सख्त, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच के निर्देश
(Lucknow, Lucknow) उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को निगरानी और उपचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। वहीं, निजी चिकित्सा संस्थानों को जांच के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि न लेने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की मौजूदगी में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) और सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराने को कहा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), मेडिकल कॉलेजों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच मुफ्त कराई जाए। अस्पतालों में दवाओं, जांच, आइसोलेशन बेड और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बैठक में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि H1N1, इन्फ्लुएंजा-ए वायरस का एक प्रकार है और इसे सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में रखा जाता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 2 सितंबर तक प्रदेश में H1N1 के **685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले** सामने आए हैं। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों की समय रहते पहचान हो और उनकी स्थिति के अनुसार उपचार की व्यवस्था की जाए। जिन जिलों में मामलों की संख्या बढ़ रही है, वहां निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

योगी आदित्यनाथ ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की जानकारी देने को कहा गया है, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने ANM, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि संभावित मरीजों की समय रहते पहचान की जा सके। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को घर पर पृथक रहने, मास्क के इस्तेमाल और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी देने को भी कहा गया।

अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर और उपयुक्त रेफरल व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

विशेषज्ञों ने बैठक में बताया कि सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम या नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, भोजन लेने में परेशानी, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई तथा पहले से मौजूद बीमारी के बिगड़ने जैसी स्थितियों में तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, ICU और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि प्रदेश में H1N1 के उपचार में इस्तेमाल होने वाली ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप के साथ वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला अस्पतालों में फ्लू हेल्प डेस्क, नमूना संग्रह की सुविधा और अलग फ्लू OPD की व्यवस्था की गई है।

मेडिकल कॉलेजों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, जांच, दवाओं और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। जांच के लिए पर्याप्त RT-PCR किट भी उपलब्ध बताई गई हैं।

SGPGI के निदेशक डॉ. आरके धीमान, KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने अपने संस्थानों में उपचार, जांच और दवाओं की उपलब्धता के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने H1N1 की रोकथाम और उपचार को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी करने के साथ टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि इससे जरूरतमंद मरीजों को शुरुआती स्तर पर चिकित्सकीय सलाह मिल सकेगी और अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव भी कम किया जा सकेगा।

उन्होंने संक्रमण से बचाव के उपायों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। लोगों को सरल और तथ्यपरक तरीके से बताया जाए कि संक्रमण की स्थिति में क्या सावधानियां बरतनी हैं और किन बातों से बचना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सही जानकारी लोगों तक पहुंचे, जिससे बीमारी को लेकर अनावश्यक डर या पैनिक की स्थिति पैदा न हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश में H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। किसी भी जिले में मामलों में अचानक बढ़ोतरी होने पर तत्काल निगरानी, जांच और उपचार की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए।

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