उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अब तक **688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया** गया है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान जिले में किसी व्यक्ति या पशु की मृत्यु की सूचना नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाई जा रही है।
बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए **NDRF के 30 सदस्य** और **SDRF की दो टीमों के 27 सदस्य** तैनात किए गए हैं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन की टीमें भी प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट के कर्वी क्षेत्र के रामघाट समेत 19 गांव, राजापुर के 7 और मानिकपुर के 10 गांव प्रभावित हुए। कुल **36 गांवों में 13,906 लोग** प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की ओर से इन क्षेत्रों में भोजन, आवश्यक राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है। प्रभावित लोगों की जरूरतों के अनुसार राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर लंच पैकेट वितरित किए हैं। कर्वी तहसील में **24,530**, राजापुर में **4,043** और मानिकपुर में **230** लंच पैकेट बांटे गए हैं। इस तरह कुल **28,803 लंच पैकेट** प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।
इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए राहत किट भी वितरित की जा रही हैं।
राहत किट वितरण के तहत कर्वी में **1,073**, राजापुर में **796** और मानिकपुर में **196** किट वितरित की गई हैं। कुल **2,065 राहत किट** प्रभावित परिवारों तक पहुंच चुकी हैं।
बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के लिए जिले में **18 बाढ़ शरणालय** भी संचालित किए जा रहे हैं।
बाढ़ के कारण जिले में **653 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त** हुए हैं। इनमें से 188 मामलों में प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में कुल **7.52 लाख रुपये** की सहायता राशि भेजी जा चुकी है।
वहीं, पूरी तरह क्षतिग्रस्त एक मकान के मामले में **1.20 लाख रुपये** की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। शेष पात्र मामलों में भी सहायता राशि के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।
बाढ़ प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए **28 मेडिकल टीमें** तैनात की गई हैं। ये टीमें एंबुलेंस और जरूरी दवाओं के साथ लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं तथा आवश्यकता के अनुसार दवाएं वितरित की जा रही हैं।
इसके साथ ही किसानों को होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वेक्षण भी कराया जा रहा है।
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण डूहिया सरैया के पास नदी के एक टापू पर फंसे **12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों** को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षित निकाल लिया।
जानकारी मिलने के बाद देर रात पुलिस-प्रशासन की टीम ददरी घाट पहुंची। फंसे लोगों और पशुओं की स्थिति का पता लगाने के लिए **नाइट विजन ड्रोन** की मदद ली गई। लोकेशन चिन्हित होने के बाद फ्लड कंपनी PAC, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नाविकों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
करीब छह घंटे चले अभियान के बाद सभी चरवाहों और भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अभियान में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय ग्रामीणों और चरवाहों ने समय पर कार्रवाई के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमों की सराहना की।
उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था को जरूरत के अनुसार आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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