इनमें करीब **540 करोड़ रुपये की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण** और **437 करोड़ रुपये से अधिक की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास** शामिल है। इसके अलावा आवास योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में **72 करोड़ रुपये से अधिक की राशि** भी हस्तांतरित की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन भारतीय समाज की आस्था और भक्ति की परंपरा को समाप्त नहीं कर सके।
मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भक्ति को संगीत के माध्यम से समाज की चेतना से जोड़ा। उन्होंने संगीत को साधना का माध्यम बनाया और उनकी परंपरा ने भारतीय संगीत को गहराई से प्रभावित किया।
सीएम ने कहा कि महान संगीतज्ञ तानसेन भी स्वामी हरिदास के शिष्य थे। उनके अनुसार, ब्रज की धरती ने ऐसे संतों और कलाकारों को जन्म दिया, जिन्होंने आध्यात्मिकता और कला को व्यापक सामाजिक चेतना से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विकास को सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग जैसी भौतिक सुविधाओं के आधार पर देखा जाता रहा। उनके मुताबिक विकास के साथ देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग दौर में विदेशी आक्रांताओं और अंग्रेजों ने भारत के ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया। सीएम ने कहा कि विरासत की उपेक्षा के कारण समाज अपनी ऐतिहासिक स्मृति से दूर होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन जैसे ब्रज क्षेत्र आज जिस धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं, उसके लिए सुरक्षित वातावरण जरूरी है।
उन्होंने जून 2016 के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय क्षेत्र में हुई हिंसक घटना में 29 लोगों की जान गई थी, जिनमें दो पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। सीएम ने कहा कि ऐसे माहौल में उत्सव, विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार की कल्पना कठिन थी।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए पहले से तैयारियां की जाती हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि संघर्ष, संरक्षण और पुनर्निर्माण की लंबी परंपरा का इतिहास है। उन्होंने मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और केशव देव मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न आक्रमणों के बावजूद ब्रज की धार्मिक परंपराएं जारी रहीं।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी, ब्रज की होली और गोवर्धन परिक्रमा जैसी परंपराएं निरंतर चलती रहीं। मुख्यमंत्री ने काशी और अयोध्या का भी उदाहरण देते हुए कहा कि ऐतिहासिक चुनौतियों के बावजूद धार्मिक परंपराओं की निरंतरता बनी रही और आज इन प्रमुख तीर्थस्थलों में बड़े स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को समझने के लिए यहां की संत परंपरा, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को समझना आवश्यक है। उन्होंने महाराज सुहेलदेव, अहिल्याबाई होलकर, रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह और आदि शंकराचार्य सहित अनेक ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि संतों और समाज के विभिन्न वर्गों ने लोक कल्याण तथा संस्कृति के संरक्षण के लिए अपना योगदान दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरासत को केवल मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। भारतीय भाषाएं, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, खगोल ज्ञान और लोक परंपराएं भी देश की विरासत का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ इन परंपराओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव, विंध्याचल, चित्रकूट, नैमिषारण्य, सारनाथ और कुशीनगर जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों में हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रज क्षेत्र में पिछले वर्षों में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम हुआ है। सुरक्षा, स्वच्छता और कनेक्टिविटी बेहतर करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधाकुंड, गोकुल, बलदेव और मथुरा को पर्यटन विकास की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में काम चल रहा है। **84 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्गों** के साथ विभिन्न कुंडों के पुनरुद्धार की योजनाएं भी इसमें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए भी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इसके अलावा वृंदावन में रोपवे और मेगा पार्किंग तथा मथुरा में राया अर्बन नोड जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र के भविष्य को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने ब्रज संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए **सूरदास ब्रजभाषा अकादमी** की स्थापना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के कलाकारों को मंच देकर ब्रज की संगीत और साहित्यिक परंपरा को संरक्षित करने के साथ उसे व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वृंदावन की नगरीय सीमा में करीब **400 एकड़ क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट ‘सौरभी वन’** विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में संत विजय कौशल जी महाराज, गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद हेमामालिनी, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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