यूपी में बाढ़ राहत अभियान तेज, 21,350 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; राहत शिविरों में 2,972 लोगों को सहारा
(Lucknow, Lucknow) उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में योगी सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, चिकित्सा सुविधा और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, गुरुवार को करीब 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके साथ ही बाढ़ शुरू होने के बाद अब तक 21,350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन की ओर से अब तक 2,385 नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया गया है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाले गए लोगों के लिए प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है। वर्तमान में इन शिविरों में 2,972 लोग रह रहे हैं। यहां प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। जिला प्रशासन और राहत टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं।

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को ही 72,620 लंच पैकेट** वितरित किए गए। इसके अलावा 9,937 बाढ़ राहत किट भी प्रभावित लोगों तक पहुंचाई गईं।

अब तक प्रदेश में 9.31 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.49 लाख से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों तक नियमित रूप से भोजन और जरूरी खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 1,165 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, जो लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं।

स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक *7.22 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.97 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट** वितरित किए जा चुके हैं।

राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अब तक बाढ़ के कारण कोई जनहानि या पशुहानि दर्ज नहीं की गई है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुओं के लिए भी सरकार की ओर से आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। पशुओं के चारे की व्यवस्था के तहत अब तक करीब **6,956 क्विंटल भूसा** वितरित किया जा चुका है।

सरकार का प्रयास है कि राहत अभियान के दौरान प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।

प्रदेश के 25 जिले बाढ़ की स्थिति से प्रभावित बताए गए हैं। इनमें **अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशाम्बी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी** शामिल हैं।

प्रशासन की टीमें इन जिलों में बाढ़ की स्थिति, राहत कार्यों और प्रभावित आबादी की जरूरतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सरकार की ओर से बचाव अभियान के साथ राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशु चारे की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

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