(India)
भारत के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट में कंपनी के लिए यह बड़ी कामयाबी है, जहां कंपनी ने पिछले दो साल में अपना फोकस फिर से बढ़ाया है। रिसर्च एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी ने अक्टूबर 2013 से लेकर अगस्त 2014 के अंत तक 10.2 लाख आईफोन बेचे हैं। 30 सितंबर को खत्म होने वाले फिस्कल इयर के लिए कंपनी अपने टारगेट को पूरा करने के करीब है। कंपनी ने मौजूदा फिस्कल के लिए करीब 11 लाख आईफोन यूनिट्स बेचने का टारगेट रखा था। हॉन्ग कॉन्ग बेस्ड टेक्नॉलजी रिसर्च एजेंसी काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर (डिवाइसेज ऐंड इकोसिस्टम्स) नील शाह के मुताबिक, ' यह दमदार ब्रैंड है और बैकवार्ड सॉफ्टवेयर कॉम्पैटिबिलिटी से ऐपल तीन से चार साल पुराने मॉडल तक बेचने में सक्षम रही है। इन मॉडल्स में आईफोन 4 और 4S जैसे मॉडल्स शामिल हैं और 20,000 से 30,000 की प्रॉफिटेबल रेंज में वह इन्हें बेचने में सफल रही है। प्रभावशाली शहरी कन्ज़यूमर्स ज्यादा महंगे और नए आईफोन 5C और 5S खरीदना चाहते हैं।' आईफोन 4S 8GB की भारत में कुल बिक्री में हिस्सेदारी 26.9 फीसदी रही है, जबकि आईफोन 5C 16GB का हिस्सा 11 महीनों के दौरान हुई बिक्री में 10 फीसदी रहा है। आईफोन 5S 16 GB ऑनलाइन करीब 40,000 रुपए में बिक रहा है, जबकि आईफोन 4S 8GB वेरिएंट का दाम कम से कम 19,500 रुपए है और आईफोन 5C 16GB वर्जन भारत में करीब 33,500 रुपए में मिल रहा है। दिल्ली की साइबरमीडिया रिसर्च के टेलिकॉम प्रैक्टिस के हेड फैसल कवूसा के मुताबिक, अगस्त 2014 में शिपमेंट्स बढ़ी है। उन्होंने बताया, 'आईफोन 6 लॉन्च करने से पहले पिछले वर्जन निकालने और मार्केट में फेस्टिव सीजन के चलते बने हुए मजबूत सेंटिमेंट से ऐसा हो रहा है।' ऐपल आईफोन 6 को 9 सितंबर को लॉन्च करने जा रही है। इसके भारत में अक्टूबर में लॉन्च होने के आसार हैं। स्मार्टफोन शिपमेंट के आधार पर कंपनी के आईफोन का मार्केट शेयर करीब 2 फीसदी है, जो मार्केट लीडर सैमसंग, माइक्रोमैक्स और कार्बन से काफी कम है। जून अंत में भारत के तेजी से बढ़ रहे स्मार्टफोन मार्केट में इन कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 55 फीसदी थी। यह मार्केट इस साल 8 करोड़ डिवाइस पर पहुंचता दिख रहा है। वैल्यू के लिहाज से ऐपल भारत में छठी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी है और इसका मार्केट शेयर जून अंत में करीब 5.5 फीसदी रहा। हालांकि, जनवरी से मार्च के पीरियड में यह ऊपर चढ़कर तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी और इसका मार्केट शेयर 9.2 फीसदी हो गया था। ब्राजील, रूस, भारत और चीन का थर्ड क्वॉर्टर में इसकी ओवरऑल 12.7 फीसदी की सेल्स ग्रोथ में अहम योगदान रहा है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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