गूगल के ऐंड्रॉयड वन के जवाब में माइक्रोसॉफ्ट की '40 डॉलर स्ट्रैटिजी'
(India) इसके अलावा, कंपनी भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स में पहली बार फोन खरीदने वालों को टारगेट करते हुए फीचर फोन की अपनी 'फर्स्ट' कैटिगरी लॉन्च कर रही है। इस फोन की कीमत 40 डॉलर (2,400 रुपये) से कम होगी। इस आक्रामक प्राइसिंग स्ट्रैटिजी का मकसद मार्केट्स में अपनी हैंडसेट कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ाने के साथ-साथ अपने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को मार्केट लीडर ऐंड्रॉयड और और ऐपल के आईओएस को टक्कर देने लायक बनाना है। आईडीसी के मुताबिक, विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का मार्केट 2.5 फीसदी है जबकि 84.7 पर्सेंट मार्केट शेयर के साथ ऐंड्रॉयड नंबर 1 पर है। आईओएस के पास 11.7 पर्सेंट हिस्सेदारी है। माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल के 'ऐंड्रॉयड वन डिवाइसेज' को देखते हुए अपनी स्ट्रैटेजी बदली है। माइक्रोमैक्स, कार्बन और स्पाइस जैसे टॉप इंडियन हैंडसेट मेकर्स के साथ मिलकर गूगल 'ऐंड्रॉयड वन डिवाइसेज' लॉन्च करने जा रही है। आईडीसी के मुताबिक, जून के आखिर में देश के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट में इन कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी थी। ऐंड्रॉयड वन हैंडसेट्स की कीमत 100 डॉलर से कम होने की उम्मीद है। फायरफॉक्स ने भी भारतीय हैंडसेट पार्टनर्स के साथ मिलकर 1,999 रुपये में स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं। माइक्रोसॉफ्ट में मोबाइल डिवाइस सेल्स के वाइस प्रेजिडेंट क्रिस वेबर ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, 'यह पूरे पोर्टफोलियो को एक नया लुक देने की शुरुआत है। हम विंडोज फोन्स के दाम घटाना चाहते हैं। ऐंड्रॉयड ईकोसिस्टम में यह हो रहा है। हालांकि, इसका असर क्वॉलिटी और एक्सपीरियंस पर नहीं पड़ा है।' माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल अप्रैल में 7.5 अरब डॉलर में नोकिया को खरीदा था और डिवाइस की सेल्स बढ़ाने के लिए स्ट्रैटिजी में कई बदलाव किए। कंपनी ने नोकिया एक्स स्मार्टफोन्स और आशा रेंज को बंद कर दिया। जिन कस्टमर्स ने पहले इन डिवाइसेज को खरीद रखा है, उन्हें आफ्टर सेल्स और सर्विस सपॉर्ट मिलेगा, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट इन बैनर्स के तले कोई नए प्रॉडक्ट्स नहीं लॉन्च करेगी। इसके अलावा, नोकिया एक्स डिजाइंस को विंडोज फोन्स में कन्वर्ट किया जाएगा। वेबर ने कहा कि अगले 12-18 महीनों में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज स्मार्टफोन्स के प्राइस पॉइंट्स पर काम करेगी। माइक्रोसॉफ्ट के कॉर्पोरेट वाइस प्रेजिडेंट (फोन्स) जो हार्लो ने कहा कि दुनिया में अब भी एक अरब लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं है और 2 अरब लोगों के मोबाइल डिवाइसेज पर इंटरनेट की पहुंच नहीं है। कंपनी ऐसे ही लोगों को टारगेट करना चाहती है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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