(BIHAR, India)
राजभवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यहां कहा, ‘‘20 फरवरी को बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद मांझी को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा.’’ उन्होंने कहा कि हालांकि इस बारे में कोई सूचना नहीं है कि राज्यपाल ने गोपनीय मतदान के मांझी के अनुरोध को स्वीकार किया है कि नहीं.राज्यपाल का मांझी को यह निर्देश जेडीयू नेता नीतीश कुमार, जदयू अध्यक्ष शरद यादव, राजद नेता लालू प्रसाद और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के 130 विधायकों के साथ राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन जाने के कुछ घंटों बाद ही आया है.सूत्रों का ये भी दावा है कि राज्यपाल ने जीतन राम मांझी को लॉबी डिवीजन या गुप्त मतदान से बहुमत साबित करने का मौका दिया है.जीतन राम मांझी को गुप्त मतदान या लॉबी डिवीजन से बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने पर विवाद बढ़ सकता है क्योंकि नीतीश कुमार पहले ही मांझी पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा चुके हैं.बिहार विधानसभा में इस वक्त कुल 233 सदस्य हैं. इस लिहाज से सीएम मांझी को बहुमत के लिए 117 विधायकों की जरूरत है. नीतीश का दावा है कि जेडीयू के 99, आरजेडी के 24, कांग्रेस के पांच, सीपीआई के एक और एक अन्य निर्दलीय विधायक उनके साथ हैं. नीतीश राष्ट्रपति के सामने इन विधायकों की परेड भी करा चुके हैं.दूसरी तरफ सीएम जीतन राम मांझी को अभी जेडीयू के सिर्फ 10 विधायकों का समर्थन हासिल है. ऐसे में इन्होंने बीजेपी से उनके 87 विधायकों का समर्थन मांगा है. मांझी को बीजेपी के समर्थन पर सस्पेंस बरकार है. बीजेपी ने कहा है कि मांझी को देने का समर्थन का फैसला सदन में ही लेंगे.बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने 130 विधायकों के साथ बुधवार शाम राष्ट्रपति से मुलाकात की. उन्होंने राष्ट्रपति से मिलकर कहा कि हमारे पास बहुमत है इसलिए हमें सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने परेड के बाद संवाददाताओं से कहा कि हमने राष्ट्रपति के सामने 130 विधायकों की परेड करवा दी. आप भी चाहे तो मेरे कोई भी विधायकों से पूछताछ कर सकते हैं
आपको बता दें कि बिहार में इस वक्त राजनीतिक गहमागहमी अपने चरम पर है. बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार नहीं हैं और इसके कारण जेडीयू ने उन्होंने पार्टी से बर्खास्त कर दिया है.मांझी ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण गुप्त मतदान से कराने की मांग की है. जबकि उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी उन्हें अपना समर्थन देंगे और दलित विधायक उनके साथ होंगे. हालांकि बीजेपी ने आज साफ कर दिया कि वो अंतिम फैसला 20 फरवरी को लेगी.
Digital Desk: Shiv Kishor
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