नीतीश के समर्थन में हाई कोर्ट पहुंचे विधायक, मांझी खेमे ने बताया- हॉर्स ट्रेडिंग का मास्‍टर
(BIHAR, India) नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता बनाने पर रोक के विरोध में नीतीश समर्थकों ने पटना हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. जबकि जेडीयू के बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने नीतीश कुमार को 'हॉर्स ट्रेडिंग में मास्‍टर' बता दिया है. मांझी खेमे के विधायकों का दावा है कि 20 फरवरी को मांझी अपना बहुमत जरूर साबित करेंगे और दलित के बेटे को जानबूझकर फंसाया जा रहा है बिहार में नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी के बीच सियासी खींचतान या यह कहें कि 'सियासी गैंगवार' अपने पूरे शबाब पर है. सत्ता की चाहत में दोनों खेमा एक-दूसरे के खि‍लाफ अंतिम संभावना तक जमकर बयानबाजी में व्‍यस्‍त है, वहीं 20 फरवरी को मांझी बहुमत साबित‍ करने वाले हैं.जेडीयू के बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह कहते हैं, 'नीतीश कुमार सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं और यह एकमात्र सच्‍चाई है. बीजेपी के खि‍लाफ पर्दे के पीछे से बिहार की कहानी लिखने का आरोप गलत है. बिहार में कोई हॉर्स ट्रेडिंग नहीं हो रही है, जबकि नीतीश खुद हॉर्स ट्रेडिंग के मास्‍ट हैं.'सिंह ने कहा कि 2000, 2005 और पिछले साल आरजेडी विधायकों को तोड़ने की कोशि‍श खुद नीतीश कुमार ने की. यही नहीं, नीतीश ने विधायकों को सेवन स्‍टार होटलों में ठहरवाया है, जिसका खर्च वह अपनी कालेधन से भर रहे हैं.मांझी खेमे के मंत्री नरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि जीतनराम मांझी 20 फरवरी को बहुमत जरूर साबित करेंगे. नीतीश कुमार को सत्ता का भूखा बताते हुए नरेंद्र सिंह ने कहा कि बिहार की राजनीति में अस्‍थि‍रता के लिए वही लोग जिम्‍मेदार हैं. सिंह ने कहा, 'उन्‍होंने दलित के बेटे को फंसाया है.'इस बीच बीजेपी नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि अगर मांझी 30 विधायकों का समर्थन प्राप्‍त कर लेते हैं तो बीजेपी उन्‍हें समर्थन देने पर विचार कर सकती है.नीतीश कुमार पर जुबानी प्रहार करते हुए यादव ने कहा, 'वह जुगाड़ टेक्‍नोलॉजी के एक्‍सपर्ट हैं. वह हमारी पार्टी पर आधारहीन आरोप लगा रहे हैं. सच यह है कि नीतीश इस वक्‍त डरे हुए हैं. बीजेपी के लिए सभी विकल्‍प खुले हैं.'गौरतलब है कि राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा है. मांझी को 20 फरवरी को सदन में बहुमत साबित करना होगा. वहीं, खबर है कि वह अलग पार्टी भी बना सकते हैं.



Digital Desk: Shiv Kishor

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