पानी ऐसा 'पारस' है जो धरती से सोना पैदा कर सकता है: मोदी
(Ambegaon, Pune) महाराष्ट्र के बारामती में सब्जी उत्पादन के लिए उत्कृष्टता के केंद्र के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे किसान कड़ी मेहनत से काम करते हैं, लेकिन उन्हें सफलता हासिल करने के लिए एक संवाद आवश्यक है।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देने की जरूरत है। हमारी कृषि आधुनिक है, लेकिन इसे तकनीक के साथ जोड़ने की जरूरत है। किसानों का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है, इसके लिए उन्हें सुनहरे अवसर प्रदान किए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के लिए स्कूलों में अलग से प्रोग्राम चलाए जाने चाहिए। 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को मिट्टी जांच की ट्रेनिंग देने की आश्वयकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें कृषि को आधुनिकता की ओर ले जाना है। देश में सिंचाई में पानी बहुत ज्यादा बर्बाद होता है। पानी बचाने के लिए हमें बूंद सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि 'पारस पत्थर' सोने में बदल जाता है, लेकिन पानी एक ऐसा 'पारस' है जो धरती से सोना पैदा कर सकता है।उन्होंने कहा कि मैं शरद जी का उनके योगदान के लिए शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। वे भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करते हैं। हम अलग-अलग विचारधाराओं के हैं, लेकिन हम दोनों राष्ट्र का विकास चाहते हैं। हमें चीनी उद्योग के विकास पर काम करने के साथ इसके लिए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत है।अापको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी एक दिन के महाराष्ट्र दौरे पर हैं। इस दौरान वे शरद पवार के क्षेत्र बारामती स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद वे शरद पवार के घर भोजन करेंगे।

Digital Desk: Shiv Kishor

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।