आईपीसी में व्यापक बदलाव की जरूरत -प्रणब मुखर्जी
(India) जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी और कई छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इन सब के बीच राष्ट्र पति प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि 21वीं सदी की जरूरतों को ध्यारन में रखते हुए भारतीय दंड संहिता में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत है।
आईपीसी के साथ ही राष्ट्रपति ने पुराने पड़ चुके पुलिस सिस्टबम में भी व्यारपक बदलाव किए जाने की जरूरत पर बल दिया है. प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पिछले 155 साल के दौरान आईपीसी में काफी कम बदलाव हुए हैं. अपराधों की शुरुआती लिस्ट में काफी कम नए अपराधों को जोड़ा गया है और उनके लिए सजा का प्रावधान किया गया है।

Digital Desk: Kamal

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।