कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर की गई एक टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है। आजाद ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान देश को कथित तौर पर बांटने को लेकर आतंकी संगठन आईएसआईएस और आरएसएस को एक ही कतार में खड़ा करने का प्रयास किया। इस पर आरएसएस ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, भाजपा ने आजाद से इस टिप्पणी पर माफी मांगने को कहा।राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में कहा,श्हम आईएस जैसे आतंकी संगठनों का उसी तरह विरोध करते हैं जैसे आरएसएस का विरोध करते हैं। अगर इस्लाम में ऐसे लोग हों जो गलत चीजें करते हैं, तो वे आरएसएस से किसी तरह कम नहीं हैं। आरएसएस नेता नंद कुमार ने कहा कि आजाद की यह टिप्पणी कांग्रेस के बौद्धिक दिवालियेपन और आईएस जैसी कट्टरपंथी ताकतों से निपटने की उसकी अनिच्छा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस की सर्वोच्च नीति निर्धारण निकाय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा इस मामले पर आजाद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा करेगी। उधर, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने आजाद के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा, आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए या फिर सोनिया गांधी को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
Digital Desk: Kamal
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