जाटों का सरकार को दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म
(India)


हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाट फिर से उग्र हो सकते हैं। अगर चंडीगढ़ में दोपहर 12 बजे खट्टर सरकार के साथ उनकी वार्ता विफल रही तो स्थिति कुछ भी हो सकती है। इसी को देखते हुए पूरे राज्यभर में सुरक्षा के इंतजाम फिर कड़े कर दिए गए हैं। जाटों द्वारा सरकार को दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हो गया है। सरकार न तो विधानसभा में आरक्षण संबंधी कोई बिल पेश कर पाई है न ही कोई अध्यादेश जारी किया गया है। जाट फिर से कोई हिंसक आंदोलन न करें इसकी तैयारी के साथ सरकार ने जाटों को आज बातचीत के लिए भी बुलाया है। आज चंडीगढ़ में दोपहर 12 बजे जाटों के साथ बातचीत होगी। जाटों द्वारा फिर से आंदोलन की धमकी के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था चैकस करने निर्देश दिए हैं। एहतियात के तौर पर रोहतक में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) पीके दास ने कहा है कि हमारे पास यह सूचना है कि जाट आंदोलनकारी कई जगहों पर एकत्रित हो सकते हैं। वहीं, रोहतक के एसएसपी शशांक आनंद ने कहा कि अफवाहों को रोकने के लिए हर कदम उठाए जाएंगे। आंदोलन दोबारा खड़ा होने की आशंका के कारम सरकार ने प्रदेश भर में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। डिप्टी कमिश्नरों को तीन महीने के लिए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत सीधी कार्रवाई की शक्ति दी गई है। रोहतक में आर्मी और पैरामिलिट्री की टुकड़ियां पहुंच भी चुकी हैं।


Digital Desk: Kamal

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