देशद्रोह के आरोप में पिछले तीन सप्ताह से ज्यादा समय से तिहाड़ जेल में बंद जेएनयू के दो छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को पटियाला हाउस अदालत ने शुक्रवार को छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी। तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद खालिद ने कहा कि उन्हें जेल जाने का कोई पछतावा नहीं है और इस कथित मामले में गिरफ्तार होने का उसे गर्व है। खालिद कहा, इस विशेष मामले में जेल जाने का हमें कोई पछतावा नही है। हमें वास्तव में इस बात को लेकर गर्व है कि हमें राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया, एक कानून जिसके तहत अरूंधति रॉय और बिनायक सेन जैसे लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।