हालांकि, तीस्ता जल बंटवारे के मुददे पर बहुप्रतीक्षित समझौते को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए तीस्ता जल बंटवारे का मुद्दा महत्वपूर्ण है और इस बारे में भारत की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि तीस्ता भारत जल बंटवारे के मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता है और निकाला जायेगा।
मोदी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश विकास गठजोड़ में ऊर्जा सुरक्षा एक महत्वपूर्ण आयाम है और यह आगे बढ़ रहा है।पीएम मोदी और उनकी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना ने रक्षा, सुरक्षा, कारोबार और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण सामरिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की संभावनाओं पर विचार किया।
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