जानकारी के अनुसार मन्नी देवी का विवाह रामप्रताप के साथ वर्ष 1991 में हुआ था । विवाह के दो वर्ष बाद उनके एक बेटी हुई और फिर दूसरी बेटी हो गई । तीन वर्ष के अंतराल में दो बेटियां होने के बाद रामेश्वर और मन्नीदेवी ने बेटे की चाह में तांत्रिकों और बाबाओं के चक्कर लगाना शुरू कर दिया । बाबाओं द्वारा बताए अनुसार उन्होंने पूजा-पाठ करवाने के साथ ही दवा भी ली । लेकिन बार-बार बेटी होती गई,लेकिन दोनों पति-पत्नी बेटे की चाह में नसबंदी कराने को तैयार नहीं हुए ।
परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हे समझाने का काफी प्रयास भी किया । इस बार फिर गुरूवार दोपहर मन्नी देवी को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे सादुलशहर अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां उसने रात करीब 9 बजे फिर एक बेटी को जन्म दिया । इस तरह अब तक उनके 11 बेटी हो चुकी । रामप्रताप का कहना है कि बाबाओं ने उसे पक्का विश्वास दिलाया था कि इस बार तो लड़का ही होगा,लेकिन फिर लड़की हुई । हालांकि वह अभी भी नसबंदी कराने को तैयार नहीं है ।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।