स्पाइसजेट एयरलाइंस में तकनीकी खराबी के कई मामलों को देखते हुए एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की. स्पाइसजेट को DGCA द्वारा 29 अक्टूबर, 2022 तक केवल 50 प्रतिशत प्रस्थान के साथ संचालन करने का निर्देश दिया गया है.विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने आज एयरलाइंस को बताया कि स्पाइसजेट को सुरक्षा एहतियात के तौर पर केवल सीमित उड़ानों का संचालन जारी रखना चाहिए. DGCA ने कहा कि “प्रचुर मात्रा में सावधानी” के रूप में, एयरलाइन को 29 अक्टूबर, 2022 तक केवल 50 प्रतिशत प्रस्थान का संचालन करने के लिए कहा गया है.पिछले कुछ महीनों में स्पाइसजेट में तकनीकी खराबी के कई मामले सुर्खियों में रहे हैं. कई विमानों ने हाल ही में कई शहरों से टर्न-बैक और इमरजेंसी लैंडिंग की है जिससे यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. डीजीसीए ने इन सभी घटनाओं को नोट किया, जिसके बाद 4 बिंदुओं का महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है.
एयरलाइन को दिए गए निर्देशों के बारे में डीजीसीए ने आज एक बयान में कहा, “स्पाइसजेट पर्याप्त तकनीकी सहायता और वित्तीय संसाधनों का प्रदर्शन करके उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती है.
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।