गूगल का खुलासा: सेल्सफोर्स साइबर अटैक में 200 कंपनियों का डेटा खतरे में, हैकर ग्रुप ने ली जिम्मेदारी
(India) टेक दुनिया में हलचल मचाते हुए गूगल ने दावा किया कि एक बड़े सप्लाई चेन साइबर अटैक में सेल्सफोर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ी 200 से ज्यादा कंपनियों का डेटा हैकर्स के हाथ लग चुका है। कंपनी के सुरक्षा विशेषज्ञ ऑस्टिन लार्सन के अनुसार, यह हमला गेनसाइट नाम की थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन के माध्यम से किया गया, जो कई बड़े संगठनों को कस्टमर सपोर्ट सेवाएं प्रदान करती है। सेल्सफोर्स ने भी स्वीकार किया है कि उसके कुछ ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई है, हालांकि उन्होंने जोर दिया कि उनके सिस्टम में किसी भी तरह की तकनीकी कमजोरी नहीं पाई गई।
इस घटना की जिम्मेदारी स्कैटर्ड लैप्सस$ हंटर्स नाम के हैकर ग्रुप ने टेलीग्राम पर ली है। दावा किया जा रहा है कि हैकर्स ने गेनसाइट में प्रवेश पाने के लिए एक पुरानी सुरक्षा चूक का इस्तेमाल किया, जिसमें पहले से चुराए गए ऑथेंटिकेशन टोकन का दुरुपयोग शामिल था। बताया जाता है कि इसी रास्ते उन्होंने सेल्सफोर्स अकाउंट्स तक पहुंच बनाई और कंपनियों का डेटा एकत्र किया। हमले के बाद सेल्सफोर्स ने सुरक्षा कदम तेज करते हुए गेनसाइट से जुड़े सभी एक्सेस टोकन अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और प्रभावित ग्राहकों से संपर्क शुरू कर दिया है।
कई प्रसिद्ध कंपनियां—जिनमें क्राउडस्ट्राइक, वेरीजॉन, थॉमसन रॉयटर्स और मालवेयरबाइट्स शामिल हैं—ने कहा कि वे फिलहाल अपनी आंतरिक जांच कर रही हैं और अभी तक डेटा चोरी की पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच हैकर ग्रुप ने चेतावनी देते हुए दावा किया है कि वे अगले सप्ताह एक 'एक्सटॉर्शन वेबसाइट' लॉन्च करेंगे, जिसके जरिए कंपनियों को ब्लैकमेल करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइबर अपराधियों द्वारा कॉर्पोरेट सिस्टम के खिलाफ बढ़ते हमलों के नए और खतरनाक पैटर्न का संकेत है।

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