अंकुल के अनुसार, नसीम ने उनसे पदोन्नति के लिए 50 हजार रुपये और अन्य लोगों की नौकरी के लिए 30 हजार रुपये मांगें। उन्होंने पैसे दिए, वहीं उनके दोस्तों और रिश्तेदारों ने भी पदों के लिए कुल 2.17 लाख रुपये जमा किए। आरोप है कि नियुक्ति पत्र देने के बाद जब लोग काम पर पहुंचे तो पता चला कि वे फर्जी थे। शिकायत करने पर आरोपियों ने धमकियां भी दीं।
पुलिस ने शुरू में कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद पीड़ितों ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने शशांक अवस्थी, नसीम, जसविंदर सिंह और पवन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Author: JAN TV Editorial Team
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