जांच के दौरान दोनों आरोपियों ने मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया है। सीबीआई उनके बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है और घटनास्थल का रीक्रिएशन भी कराया गया है।
इस बीच जांच में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस बेल्ट के सहारे ट्विशा मृत अवस्था में मिली थीं, उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित नहीं रखा गया। आरोप है कि जांच अधिकारी ने उसे दो दिनों तक अपनी कार में रखा, जिसके बाद उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
ट्विशा के परिजनों ने शुरुआत से ही मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। वहीं जांच एजेंसियां आर्थिक तनाव, निजी संबंधों और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
मामले में अब सीबीआई की अगली कार्रवाई और अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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