पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम खेत की सिंचाई को लेकर विनोद और गांव के ही इम्तियाज के बीच विवाद हुआ था। इसके कुछ देर बाद लाठी, लकड़ी के पट्टे, हथौड़े और फावड़ों से लैस 40 से अधिक लोगों का समूह विनोद के घर पहुंचा और परिवार पर हमला कर दिया। हमले के दौरान विनोद के सिर पर हथौड़े से वार किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना में विनोद के भाई अशोक और राजेश तथा भाभी सुषमा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामले के बाद प्रशासन ने आरोपियों से जुड़े कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने जय श्री राम के नारे भी लगाए। वहीं, कुछ दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के घरों पर पथराव और तोड़फोड़ भी की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) तैनात की गई है।
पुलिस ने मृतक के भाई अशोक की शिकायत पर 12 नामजद आरोपियों और 30 से 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। एफआईआर में रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार के नाम शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि विनोद भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता थे और उनकी निर्मम हत्या करने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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