सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने सांसदों को स्पष्ट संदेश दिया है कि बैठक में मौजूद रहना अनिवार्य है। यदि कोई सांसद बिना उचित कारण के बैठक से दूरी बनाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
शिवसेना (यूबीटी) इससे पहले वर्ष 2022 में भी ऐसा ही व्हिप जारी कर चुकी है। उस समय एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की गई थी।
मंगलवार को सामने आई राजनीतिक हलचल के बीच सूत्रों ने दावा किया था कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं और इस सिलसिले में वे दिल्ली में मौजूद हैं।
हालांकि, इन दावों पर पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में दिल्ली में होने वाली यह बैठक शिवसेना (यूबीटी) के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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