डीएमके का तमिलनाडु सरकार पर हमला, आर्थिक श्वेत पत्र को बताया 'नाकाम' और 'राजनीतिक बहाना'
(TAMILNADU, TAMILNADU) तमिलनाडु की राजनीति में आर्थिक श्वेत पत्र को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। डीएमके ने राज्य सरकार द्वारा जारी वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र की कड़ी आलोचना करते हुए इसे प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने और चुनावी वादों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।

डीएमके के वरिष्ठ नेता थंगम थेनारासु ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामियों और जनता से किए गए वादे पूरे न कर पाने की असफलता को छिपाने के लिए श्वेत पत्र का सहारा ले रही है। उन्होंने इस दस्तावेज को "पूरी तरह नाकाम" और "राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने की कोशिश" करार दिया।

थेनारासु ने कहा कि राज्य का बजट पेश करते समय तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति पहले ही विस्तार से सामने रखी जा चुकी थी। उनके अनुसार, सरकार बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई, लेकिन उन्हें पूरा करने में असफल रही। अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए श्वेत पत्र को प्रचार का माध्यम बनाया जा रहा है।

डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम केवल विपक्ष पर दोष मढ़ने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने चुनावी वादे पूरे नहीं करना चाहती और इसी वजह से डीएमके को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रही है।

एलंगोवन ने राज्य की राजस्व स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के प्रमुख राजस्व स्रोत प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार जीएसटी के जरिए मिलने वाले फंड का वितरण राजनीतिक आधार पर करती है, जिससे विपक्ष शासित राज्यों को नुकसान उठाना पड़ता है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु की वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने मंगलवार को राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली डीएमके सरकार की आर्थिक नीतियों और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे।

थंगम थेनारासु ने कहा कि डीएमके जल्द ही सरकार के श्वेत पत्र का विस्तृत और तथ्यात्मक जवाब जारी करेगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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