विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण कराया गया, जबकि 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है और किसानों के खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिली है।
इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई और 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ। इस तरह नलकूपों के आधुनिकीकरण और सिंचाई परियोजनाओं का लाभ सीधे खेतों और किसानों तक पहुंच रहा है।
योगी सरकार ने आने वाले समय में भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ किसानों को खेती के लिए अधिक भरोसेमंद जल संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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