BRICS समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब 10 साल बाद एक साथ नजर आएंगे। तीनों नेता 2016 के गोवा BRICS समिट में भी साथ शामिल हुए थे।
2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत में जिनपिंग और मोदी की यह पहली आमने-सामने की बैठक होगी। गलवान के बाद करीब 4 साल तक LAC पर दोनों देशों के बीच तनाव रहा। अब भारत और चीन LAC से लेकर कारोबार तक 6 बड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।
इनमें सीमा विवाद सबसे अहम मुद्दा है। दोनों देश सीमा विवाद पर एक विशेषज्ञ समूह बनाने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा सीमा पर 2 अतिरिक्त सैन्य संपर्क केंद्र और पूर्वी व मध्य सेक्टर में 2 सैन्य हॉटलाइन बनाने पर भी सहमति बनी है। अब इन फैसलों को दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिलनी है।
दूसरा बड़ा मुद्दा दोनों देशों के बीच कारोबार है। 2025-26 में भारत ने चीन से करीब 11.4 लाख करोड़ रुपये का सामान आयात किया। इससे भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 8.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का प्लेन पालम एयरपोर्ट पर उतर चुका है। उनके भारत पहुंचने के बाद अब BRICS समिट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर सभी की नजरें हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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