इन परियोजनाओं से स्थानीय कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बिचौलियों पर निर्भरता कम करते हुए सीधे बड़े बाजार से जुड़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही पारंपरिक उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के स्वदेशी उत्पादों को देश और विदेश में नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम यूनिटी मॉल को स्थानीय उत्पादों की बिक्री के साथ उनके प्रदर्शन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के प्रमुख केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे पारंपरिक उद्योगों और शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
इन मॉल में अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट कारीगरी और उत्पादों को स्थान मिलने से कारीगरों को अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में करीब 11.53 एकड़ भूमि पर पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 128.85 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
निर्माण कार्य के तहत बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम और रिटेनिंग वॉल की आरसीसी का काम पूरा हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
छह मंजिला इस मॉल में 135 दुकानें प्रस्तावित हैं। परियोजना के नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 1.46 एकड़ क्षेत्र में पीएम यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग 154.71 करोड़ रुपये है।
निर्माण में डी-वॉल और छत की स्लैब की ढलाई पूरी हो चुकी है, जबकि बेसमेंट-3 में फाउंडेशन का काम जारी है।
वाराणसी के यूनिटी मॉल में **बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष** समेत काशी और पूर्वांचल की पहचान से जुड़े पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शन और बिक्री के लिए स्थान मिलेगा।
छह मंजिला मॉल में 111 दुकानें होंगी। इसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
राजधानी लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में करीब 4.86 एकड़ क्षेत्र में पीएम यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 64 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मॉल में दुकानों की फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। वहीं ब्रिक वर्क और लिफ्ट से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं।
लखनऊ का यह मॉल चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य पारंपरिक उत्पादों** को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।यहां छह मंजिलों में 139 दुकानें विकसित की जाएंगी। परियोजना के अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
तीनों यूनिटी मॉल के जरिए उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को एक बड़े और आधुनिक बाजार में प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग मजबूत होने के साथ उनके लिए नए ग्राहक और बाजार तैयार होने की उम्मीद है।
कारीगरों की आय बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा सकती है। पर्यटन के लिहाज से भी इन मॉल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां आने वाले पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक कला और उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे।
आगरा, वाराणसी और लखनऊ में तैयार हो रहे ये पीएम यूनिटी मॉल उत्तर प्रदेश की स्थानीय विरासत को आधुनिक बाजार से जोड़ने वाले नए केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।
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