मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार और होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इनके मेडिकल और फिजिकल की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अगले छह महीने में जारी होने वाले परिणामों के आधार पर 25-30 हजार युवाओं को अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार युवाओं की भर्ती होने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन-चार महीने में इसके परिणाम आने की उम्मीद है। वहीं, यूपीपीएससी की परीक्षाओं के बाद 15-16 हजार युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति मिलने की बात भी उन्होंने कही।
लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मिशन रोजगार पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि जब आयोग और बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा करते हैं तो उसके परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति दी गई है और अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय आयोगों और बोर्डों में भाई-भतीजावाद के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उस दौर में ऐसी भर्तियां हुईं, जिनमें आवेदन नहीं करने वाले लोगों को भी नियुक्ति पत्र मिल गए, जबकि आवेदन करने वाले अभ्यर्थी इंतजार करते रह गए। ये आरोप मुख्यमंत्री के संबोधन का हिस्सा थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्तियों में इंटरव्यू सिस्टम समाप्त किया गया है। उनके अनुसार भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक समयबद्धता और मेरिट की समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के संदर्भ में एमएसएमई, ओडीओपी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। हस्तशिल्पियों और कारीगरों के लिए मार्केट, टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के उत्पादों के निर्यात में वृद्धि हुई है और इससे कारीगरों व हस्तशिल्पियों को बाजार उपलब्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्ध नगर में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का आयोजन होगा। उनके अनुसार इसमें 650 विदेशी खरीदार और 2500 से अधिक एग्जीबिटर्स शामिल होंगे। ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के युवा, कारीगर, हस्तशिल्पी और उद्यमियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं। उन्होंने महिला उद्यमियों की भागीदारी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने आयुष क्षेत्र के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि आयुर्वेद, योग, नैचुरोपैथी, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा को संस्थागत स्तर पर बढ़ावा मिला है। उन्होंने प्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज विकसित किए जाने की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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