मिशन शक्ति से 99 हजार से अधिक गांवों तक पहुंची महिला बीट पुलिस, 38.64 लाख लोगों की चेकिंग
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण में व्यापक स्तर पर जागरूकता और पुलिस कार्रवाई की गई। 19 मार्च से 17 अप्रैल तक चले इस चरण में प्रदेशभर के स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जांच अभियान चलाया गया। महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया, जबकि 38.64 लाख से अधिक लोगों की चेकिंग की गई।

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान के अनुसार, अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक करने तथा अपराधों की रोकथाम पर जोर दिया गया। पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों ने मिलकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए।

66 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने दौड़ में लिया भाग

अभियान के दौरान जनपद स्तर पर आयोजित दौड़ कार्यक्रमों में 66,441 महिलाओं और बालिकाओं ने हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों के जरिए 49,437 प्रचार सामग्री वितरित की गई। इनमें 1,930 जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रेरणादायी महिलाओं ने भी भागीदारी की।

धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित महिला चौपालों के माध्यम से 15,55,219 लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता तंत्र का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

99,377 गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस

अभियान के दौरान 1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में 12,51,777 महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन से संबंधित 10,05,926 पर्चे वितरित किए गए।

विभिन्न ग्राम पंचायतों और वार्डों में बीट पुलिस अधिकारियों ने 45,040 कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, ग्राम पंचायत अधिकारियों और रोजगार सेवकों सहित स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहयोग किया।

महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। इस दौरान घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता से जोड़ने पर जोर दिया गया। घरेलू विवाद, भरण-पोषण और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने की पहल भी की गई।

2.90 लाख से अधिक स्थानों की जांच, 6,276 गिरफ्तारियां

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए अभियान के दौरान 2,90,153 स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों की जांच की गई। इनमें चौराहे, बाजार, मॉल, पार्क और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल रहे।

इस कार्रवाई के दौरान 38,64,614 व्यक्तियों की चेकिंग की गई। पुलिस ने 1,841 अभियोग दर्ज किए, 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 16,85,263 लोगों को चेतावनी दी।

इसके अलावा 59,897 स्थानों पर पुलिस गश्त और फुट पेट्रोलिंग की गई। महिला अपराधों से जुड़े संवेदनशील स्थलों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे लगवाए गए।

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भी चला जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति अभियान के तहत राजकीय रेलवे पुलिस ने भी जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं। इसके अंतर्गत 4,893 रेलवे स्टेशनों और 11,226 ट्रेनों में 1,69,201 प्रचार सामग्री वितरित की गई।

अभियान के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देने के साथ पुलिस की पहुंच को गांवों, वार्डों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों तक बढ़ाने पर ध्यान दिया गया।

Author: JAN TV Editorial Team

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