UP में शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूती, अमृत 2.0 के तहत 17,431 किमी पाइपलाइन का काम पूरा
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) अमृत 2.0 से यूपी की शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूती, 17,431 किमी पाइपलाइन तैयार

लखनऊ, 14 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के परिवारों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए योगी सरकार अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत जलापूर्ति नेटवर्क का विस्तार कर रही है। योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने, नए नलकूप बनाने, ओवरहेड और भूमिगत जलाशयों के निर्माण तथा आधुनिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

योजना के तहत प्रदेश में 27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने और 137.45 लाख की आबादी को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रस्तावित पेयजल नेटवर्क में से 17,431 किलोमीटर पाइपलाइन का निर्माण पूरा हो चुका है।

27.49 लाख घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य

अमृत 2.0 के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 25,302.80 किलोमीटर पेयजल वितरण नेटवर्क तैयार करने की योजना है। इसमें से 17,431 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। इस नेटवर्क के विस्तार से शहरी क्षेत्रों में घरों तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिल रही है।

मिशन का लक्ष्य 27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से 137.45 लाख लोगों को लाभान्वित करने की योजना है।

1,950 नलकूपों के लक्ष्य के मुकाबले 984 का निर्माण पूरा

शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति की क्षमता बढ़ाने के लिए योजना के तहत 1,950 नए नलकूप बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 984 नलकूपों का निर्माण पूरा हो चुका है। इनसे विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

196 ओवरहेड और 24 भूमिगत जलाशय तैयार

अमृत 2.0 के तहत जल भंडारण और वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी काम हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:

ओवरहेड जलाशय: 802 के लक्ष्य के मुकाबले 196 का निर्माण पूरा।

भूमिगत जलाशय: 197 के लक्ष्य के मुकाबले 24 का निर्माण पूरा।

ओवरहेड और भूमिगत जलाशय शहरी क्षेत्रों में पानी के भंडारण और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके निर्माण से जलापूर्ति संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है।

निर्धारित समयसीमा में परियोजनाएं पूरी करने पर जोर

योगी सरकार की प्राथमिकता शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए पेयजल नेटवर्क, नलकूपों और जलाशयों से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

यूपी जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर के अनुसार, अमृत 2.0 के तहत चल रही परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। प्रयास है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और शहरी नागरिकों को सुचारु जलापूर्ति का लाभ मिल सके।

Author: JAN TV Editorial Team

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