(India)
भले ही इस बात पर आपको आश्चर्य हो, लेकिन हालिया अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। एक चौंकाने वाले अध्ययन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि बैक्टरीरिया रोधी साबुन में कुछ ऐसे रसायन होते हैं, जो गर्भ में पल रहे शिशुओं और नवजातों के शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। 'ट्राइक्लोसन' नामक एंटीबैक्टीरियल एजेंट साबुन, कॉस्मेटिक्स, कुछ ब्रांड के टूथपेस्ट और कील मुहांसे खत्म करने वाले क्रीम समेत हजारों तरह के उपभोक्ता उत्पादों में पाया जाता है। ट्राइक्लोसन के प्रभाव की समीक्षा फिलहाल यूएस फूड एंड ड्रग एसोसिएशन (एफडीए) के अधीन है। शोधकर्ताओं के मुताबिक ट्राइक्लोसन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में मेडिसिन के प्रोफेसर पाउल ब्लैंक ने कहा, 'रोगाणुरोधी साबुन इस्तेमाल करने में कई तरह के जोखिम हो सकते हैं। हमारे अध्ययन के दौरान यह बात सामने आई है कि लोग अपने कार्यस्थल और घर पर इस रसायन का अवशोषण करते हैं।' ब्लैंक बिना ट्राइक्लोसन वाले साबुन का इस्तेमाल करने का सुझाव देते हैं। ब्लैंक कहते हैं कि यदि कोई साबुन जिसमें ट्राइक्लोसन न हो, उसका इस्तेमाल बेहतर है. अगर न हो, तो सादा साबुन और पानी बेहतर विकल्प है। यह अध्ययन पत्रिका 'ऑक्यूपेशनल एंड इन्वॉयरमेंटल मेडिसिन' में प्रकाशित हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
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