(India)
उनके मुताबिक, यह साबित हो चुका है कि योग आहार संबंधी समस्याएं, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मोटापा दूर करने में बेहद प्रभावी भूमिका निभाता है। जानकारों के मुताबिक योग जीवन जीने का तरीका है। बीमारी होने के बाद उससे निजात पाने के लिए लोग असमंजस में पड़ जाते हैं कि योग करें या एलोपैथिक दवाओं का सेवन करें। लेकिन उन्हें यह समझने की जरूरत है कि योग हृदय रोग या मधुमेह जैसी बीमारियों के इलाज के दौरान या उसके बाद मानसिक तनाव कम करने में फायदेमंद है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में फिजियोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर रमेश बिजलानी ने कहा कि लोगों को 70 फीसदी से ज्यादा बीमारियां एक दशक के दौरान किसी खास जीवनशैली के कारण होती है इसलिए जरूरी है कि वे पहले इलाज कराएं। इलाज के बाद बेहतर और खुशहाल जीवन के लिए वे रोजाना योग का सहारा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि योग जीवन में खुशियां लाता है और खुश रहने से किसी भी बीमारी के होने की संभावना 30 फीसदी तक कम हो जाती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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