(India)
ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में भारतीय मूल की शोधकर्ता उषा मेनन ने कहा, ‘इस संबंध को अभी और गहराई से समझने की जरूरत है। शरीर के किसी भी अंग में जमा वसा उत्तकों (एडिपोज टिश्यू) की अपेक्षा कमर के आसपास जमा वसा मेटाबॉलिकली ज्यादा सक्रिय होता है।’ उन्होंने कहा, ‘अतिरिक्त वसा इस्ट्रोजन हॉर्मोन के स्तर को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है, जिससे स्तन कैंसर की कोशिकाओं को ऊर्जा मिलती है।’ ब्रिटेन में यूके कॉलेबोरेटिव ट्रायल ऑफ ओवेरियन कैंसर स्क्रीनिंग (यूकेसीटीओसीएस) में भाग लेने वाली लगभग 93 हजार महिलाओं पर अध्ययन के बाद निष्कर्ष सामने आया है। अध्ययन में रजोनिवृत्त हो चुकी 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं ने भाग लिया। 2005-10 के दौरान हुए इस अध्ययन में भाग लेते समय कोई भी महिला स्तन कैंसर से पीड़ित नहीं थी। इस दौरान 1090 महिलाओं में आगे चलकर स्तन कैंसर का विकास हुआ यह अध्ययन पत्रिका ‘बीएमजे ओपन’ में प्रकाशित हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।