हृदयाघात से बचना चाहते हैं तो जीवनसाथी की बातों को सुनें!
(India) कैलिफोर्निया के वीए ग्रेटर लॉस एंजिल्‍स हेल्थकेयर सिस्टम के नटारिया जोसेफ ने कहा, 'साथी के साथ नकारात्मक बातचीत गले की धमनियों में गले से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह करने वाली वाहिकाओं को अतिरिक्त मोटा कर देता है। मोटी ग्रीवा धमनी हृदय से जुड़ी समस्याओं के लिए उत्तरदायी है।' अध्ययन से पता चला कि जो लोग अपने साथी के साथ बहुत कम बातचीत करते हैं, उनमें हार्टअटैक का खतरा 8.5 प्रतिशत बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए 281 वयस्कों को चुना, जो अपने साथी के साथ रहते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि साथी के साथ बातचीत का भावनाओं, स्वास्थ्य और शरीर विज्ञान से गहरा संबध है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है। लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार जोसेफ ने कहा, अध्ययन में साथी के साथ बातचीत का स्वास्थ्य पर प्रभाव तो देखा गया, लेकिन बातचीत और ग्रीवा धमनी पर संबंध के कारण और प्रभाव का पता नहीं चल पाया है।

Author: JAN TV Editorial Team

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