(India)
शोध में उस विशेष अवधि के बारे में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला, जिसमें नींद की कमी की वजह से बाद में मोटापे पर अधिक प्रभाव पड़ा था। अमेरिका में मासजनरल हॉस्पिटल फॉर चिल्ड्रन (एमजीएचएफसी) के बाल रोग प्रमुख एल्सी टावेरस ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में जरूरत से कम नींद लेना मोटापा और चर्बी बढ़ने का एक स्वतंत्र और पुख्ता कारक है। टावरेस ने कहा कि हम वजन पर पड़ने वाले नींद के प्रभाव की विशेष `महत्वपूर्ण अवधि` नहीं खोज पाए। प्रारंभिक बाल्यावस्था में किसी भी समय नींद की कमी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था। यह शोध पीडीऐट्रिक्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
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