लैब में बनाया गया पहला मानव अमाशय
(India) अमेरिकी शोधकर्ताओं ने लैब में स्टेम कोशिकाओं (प्लूरीपोटेंट) से एक छोटा सा अमाशय विकसित करने के लिए अमाशय के क्रियाशील तथा त्रिआयामी ऊतक उत्पन्न करने में सफलता प्राप्त की है, मानव स्टेम कोशिका की यह खूबी है कि वह मानव शरीर की किसी भी कोशिका में तब्दील हो सकती है, सिनसिनाटी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर में प्रमुख जांचकर्ता व वैज्ञानिक जिम वेल्स ने कहा, 'इससे पहले किसी ने ह्यूमन प्लूरीपोटेंट स्टेम कोशिकाओं (एचपीएससीएस) से अमाशय की कोशिकाओं का विकास नहीं किया है.' वेल्स ने कहा, 'इसके अलावा, हमने इस बात की भी खोज की है कि जटिल बनावट तथा कोशिकीय संरचना वाले त्रिआयामी अमाशय के ऊतक के निर्माण को कैसे बढ़ावा दिया जाए.' उन्होंने कहा, 'पहली बार आण्विक त्रिआयामी ह्यूमन गैस्ट्रिक ऑर्गेनॉइड्स (एचजीओएस) का विकास दवा की खोज के मार्ग को प्रशस्त करेगा.' लैब में इस कोशिका के विकास में तीन महीनों से अधिक का समय लगा, जिसका व्यास तीन मिलिमीटर है

Author: JAN TV Editorial Team

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