(India)
शोधकर्ताओं का कहना है कि नमक के ज्यादा इस्तेमाल (औसत 4.7 ग्राम प्रतिदिन) का संबंध डायलिसिस के खतरे से है, हालांकि कम मात्रा में नमक के इस्तेमाल (औसत दो ग्राम प्रतिदिन) को भी अभी तक फायदेमंद नहीं पाया गया है। गॉलवे के नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ आयरलैंड के एंड्रय़ू स्मिथ ने कहा, ‘हमारी खोज पौष्टिक आहार के फायदों का विस्तार है। शोध में पता चला है कि पौष्टिक आहार गुर्दे की समस्याओं से बचाता है।’ शोधकर्ताओं की खोज की पुष्टि एक अन्य शोध के जरिए हुई है, जिसमें पता चला है कि कम मात्रा में नमक का इस्तेमाल एल्बुमिनुरिया के खतरे को कम करता है, जो गुर्दे के खराब होने का प्रमुख लक्षण है। ये शोध पेंसिलवेनिया के फिलेडेल्फिया में 11 नवंबर से 16 नवंबर, 2014 तक आयोजित अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (एएसएन) के गुर्दा सप्ताह में प्रस्तुत किए गए।
Author: JAN TV Editorial Team
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