(India)
जानवरों पर किए गए शोध में पता चला है कि कैसे रुक-रुक कर उपवास रखने से चूहे सीखने और स्मृति में वृद्धि कर सकते हैं। साथ ही इससे मस्तिष्क के कार्यो में गिरावट का खतरा कम हो जाता है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग में तंत्रिका वैज्ञानिक मार्क मैटसन ने बताया कि हमारे पास इस बात के साक्ष्य हैं कि व्यायाम और समय-समय पर उपवास से न्यूरॉन्स में सूत्रकणिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है। समय-समय पर उपवास से संज्ञात्मक परीक्षणों के प्रदर्शन में सुधार हो सकता है, तंत्रिका तंत्र के संयोजन में बदलाव आ सकता है। उपवास और व्यायाम से पैदा तनाव मस्तिष्क को अनुकूल रखने और न्यूरॉन्स की ऊर्जा प्रवाह में मदद करता है। इस अध्ययन को हाल ही में सोसाइटी फॉर न्यूरोसाइंस की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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