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एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि निष्कर्ष में यह बात सामने आई है कि फेफड़े चर्बी के प्राथमिक उत्सर्जी अंग हैं। उनके मुताबिक, शरीर की 80 फीसदी से अधिक अतिरिक्त चर्बी को इससे घटाया जा सकता है। आहार में मौजूद कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन ट्राइग्लिसराइड में बदल जाते हैं, जिसमें तीन तरह के परमाणु कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन होते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अतिरिक्त चर्बी दूर करने के लिए ट्राइग्लिसराइड अणुओं से परमाणुओं को मुक्त करने की जरूरत होती है, जिसे 'ऑक्सीकरण' प्रक्रिया कहा जाता है। ऑस्ट्रेलिया के युनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के शोधकर्ता रूबेन मीरमान तथा एड्र्यू ब्रॉउन ने कहा, चर्बी कम करने के लिए वसा कोशिकाओं में मौजूद कार्बन को मुक्त करने की जरूरत होती है, जिसके लिए कहा जाता है कि कम खाएं और अधिक टहलें। शोध के दौरान उन्होंने पाया कि अगर शरीर में 10 किलोग्राम चर्बी पूरी तरह से ऑक्सीकृत होती है, तो उसमें से 8.4 किलोग्राम फेफड़ों से कार्बन डाई ऑक्साइड के रूप में बाहर निकलती है, जबकि बाकी 1.6 किलोग्राम जल बन जाता है। इस विश्लेषण से यह बात स्पष्ट होती है कि इस उपापचयी (मेटाबॉलिक) प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन की भारी मात्रा में जरूरत होती है। यह अध्ययन पत्रिका 'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल' में प्रकाशित हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
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