बुधवार को मोदक का ये छोटा सा उपाय करने से पूरी हो सकती है़, हर मनोकामना
(India) श्रीगणेश की प्रसन्नता के लिए कई विधि-विधान शास्त्रों में बताए गए हैं, जो सरल भी हैं व शुभ फलदायी भी। इस दिन श्रीगणेश को विशेष रूप से मोदक या लड्डू चढ़ाने की भी परंपरा है। माना जाता है कि गणेशजी को मोदक बहुत प्रिय है। दरअसल, हिन्दू धर्मशास्त्रों के मुताबिक कलियुग में भगवान गणेश के धूम्रकेतु रूप की पूजा की जाती है। जिनकी दो भुजाएं है, लेकिन मनोकामना पूर्ति के लिए बड़ी आस्था से भगवान गणेश का चार भुजाधारी स्वरूप पूजनीय है, जिनमें से एक हाथ में अंकुश, दूसरे हाथ में पाश, तीसरे हाथ में मोदक व चौथे में आशीर्वाद है। सामान्यत: श्रीगणेश के हाथों में मोदक या लड्डू होने की वजह उनका प्रिय व्यंजन होना ही माना जाता है। जबकि धर्म दर्शन इसमें प्रतीक रूप में जीवन से संदेश व गूढ़ रहस्य भी बताता है। मोदक का अर्थ है- जो मोद (आनन्द) देता है, जिससे आनन्द प्राप्त हो, संतोष हो। इसके अर्थ में गहराई यह है - तन का आहार हो या मन के विचार वह सात्विक और शुद्ध होना जरूरी है। तभी आप जीवन का वास्तविक आनंद पा सकते हैं।- धर्म व आध्यात्मिक नजरिए से मोदक ज्ञान का प्रतीक भी है। जैसे मोदक को थोड़ा-थोड़ा और धीरे-धीरे खाने पर उसका स्वाद और मिठास अधिक आनंद देती है और अंत में मोदक खत्म होने पर आप तृप्त हो जाते हैं। उसी तरह वैसे ही ऊपरी और बाहरी ज्ञान व्यक्ति को आनंद नही देता, लेकिन ज्ञान की गहराई में सुख और सफलता की मिठास छुपी होती है। इस तरह जो अपने कर्म के फलरूपी मोदक भगवान के हाथ में रख देता है उसे प्रभु आशीर्वाद देते हैं। यही श्रीगणेश के हाथ में मोदक होने और उनके प्रिय भी होने के पीछे का संदेश है।
गणपत्यथर्वशीर्ष में लिखा है
यो मोदकसहस्त्रेण यजति स वांछितफलमवाप्नोति।
इसका अर्थ है जो व्यक्ति गणेश जी को मोदक अर्पित करके प्रसन्न करता है उसे गणपति मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। ऐसा करने धन प्राप्ति और सफलता में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं।

Digital Desk: Shiv Kishor

DISCLAIMER:

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।