(India)
उज्जैन की प्रतिष्ठित जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने भारतीय संदर्भ में की गयी कालगणना के हवाले से बताया कि आगामी वर्ष में अद्भुत खगोलीय घटनाओं का सिलसिला 20 मार्च को लगने वाले पूर्ण सूर्यग्रहण से शुरू होगा। नववर्ष का पहला ग्रहण देश में नहीं दिखायी देगा। गुप्त ने बताया कि वर्ष 2015 में चार अप्रैल को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की लुकाछिपी का इस रोमांचक नजारे के देश के कुछ ही हिस्सों में दिखायी देने की उम्मीद है। तकरीबन दो सदी पुरानी वेधशाला के अधीक्षक ने बताया कि 13 सितंबर को आंशिक सूर्यग्रहण का नजारा दिखायी देगा। यह आगामी वर्ष का दूसरा सूर्यग्रहण होगा। हालांकि, यह खगोलीय घटना देश में दिखायी नहीं देगी। गुप्त ने बताया कि आगामी 28 सितंबर को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। यह वर्ष 2015 का आखिरी ग्रहण भी होगा, जिसके पश्चिमी गुजरात और राजस्थान के कुछ भागों में दिखायी देने की उम्मीद है। समाप्ति की ओर बढ़ रहे वर्ष 2014 के खाते में कुल चार ग्रहण लिखे थे। इनमें दो पूर्ण चंद्रग्रहण, एक वलयाकार सूर्यग्रहण और एक आंशिक सूर्यग्रहण शामिल हैं।
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