(India)
कई बार देखा जाता है कि कुछ महिलाएं सफेद शराब (व्हाइट वाइन) से परेशान या अशांत हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है ऐसा शायद सफेद शराब की सामग्री के कारण होता है क्योंकि इसमें लाल शराब की अपेक्षा ज्यादा सल्फाइट्स होते हैं। सल्फाइट्स का संबंध शराब पीने के बाद होने वाले तनाव से है। इसके साथ ही यह एलर्जी से लेकर सिरदर्द जैसी बीमारियों का भी मेजबान है। सफेद सल्फाइट अंगूर में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। अवांछित यीस्ट और जीवाणुओं को हटाने और ताजगी बनाए रखने के लिए किण्वन से पहले इसमें थोड़ी मात्रा में सल्फर मिलाया जाता है। ब्रिटेन की खाद्य मानक एजेंसी के अनुसार, सफेद शराब में लाल शराब की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा शकर होती है। सेवार्थ संस्था ड्रिंकअवेयर की चिकित्सकीय सलाहकार सारा जारविस ने बातया कि महिलाएं अल्कोहल के प्रति ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया भी करती हैं। शराब से तनावग्रस्त होने के पीछे यह भी एक कारण हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी-कोलंबिया के शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिलाओं को न सिर्फ नशा जल्दी होता है, बल्कि उनमें शराब की खुमारी के लक्षण भी तेज होते हैं।
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