स्वाइन फ्लू के कहर से स्वास्थ्य विभाग अभी सुलझा भी नहीं है कि कांगो फीवर ने भी विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया है,,, कांगों फीवर.... अब तक इस बीमारी के दो मरीज सामने आए हैं और दोनों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी की दस्तक के साथ ही प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय हो गया है। प्रदेश में पहले ही स्वाइन फ्लू से इस वर्ष दो दर्जन से ज्यादा मौत हो चुकी है और अब इस नई जानलेवा बीमारी ने स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मचा दिया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से पाॅजिटिव पाए गये दोनों व्यक्तियों के वायरस के नमूने नेशनल इंस्टिट्यूट आॅफ बायोलाॅजिकल पूना भिजवाए गये हैं, साथ ही संबंधित क्षेत्र के पशुओं की जांच के नमूने भोपाल के पशु जांच केन्द्र में भिजवाए हैं। जोधपुर रेलवे स्टेशन सहित अन्तर्राष्ट्रीय हवाई हड्डों पर भी संबंधित क्षेत्रों में आने वालों की स्क्रीनिंग की जा रही है। चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि कांगो फीवर के दोनों मृतकों के परिजनों और उनके सम्पर्क में आये समस्त व्यक्तियों की भी स्क्रीनिंग की गयी है। उन्होंने बताया फिलहाल इसका इलाज संभव नहीं.... केवल सावधानी के जरिए इस पर रोकथाम लगाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी को लेकर जोधपुर में एक माइक्रोबाॅयोलाॅजी की टीम गठित की गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।