डॉक्टर्स का मानना है कि सात घंटे से कम नींद लेने वाले लोगों पर हार्टअटैक का साया मंडराता रहता है। डॉक्टर्स के अनुसार नींद पूरी ने होने से शरीर और दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इससे हर्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। एक रिर्पोट के अनुसार 30 फीसदी से ज्यादा वयस्क एक रात में 6 घंटे से कम सोते हैं। जबकि सेहत के नजरिए से रोज कम से कम सात घंटे की नींद लेना सेहतमंद रहने के लिए बेहद जरूरी है। कार्डियोलाजिस्ट के अनुसार ऐसे लोग जो कम सोते हैं उनमें रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है। छह घंटे से कम नींद लेने से दिल पर असर पड़ता है और दिल की रक्तवाहिनियों में दबाव बढ़ जाता है, जिससे हर्टअटैक भी हो सकता है। इसके अलावा डायबिटीज भी हो सकती है। किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी के सीनियर मनोरोग चिकित्सक एस सी तिवारी ने बताया कि नींद पूरी न होने का सबसे गहरा असर शरीर की प्रतिरोधी क्षमता पर पड़ता है। छह घंटे से कम सोने पर संक्रमण जल्दी शरीर को घेर लेता हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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