हार्ट की बीमारी से पीड़ित मरीजों को एंजियोप्लास्टी, स्टंटिंग और बाईपास सर्जरी नहीं होने की स्थिति में इलाज के लिए निराश नहीं होना पड़ेगा। मेडिकल शिक्षा विभाग ने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिना चीर-फाड़ वाली इन्हेंस्ड एक्सटर्नल काउंटर पल्सेशन यानी ईई-सीपी तकनीक से इलाज की तैयारी शुरू की है। यह इलाज जल्द ही अस्पताल में शुरू होगा। दरअसल यह नॉन-सर्जिकल तकनीक है। इसमें मरीज को मशीन पर लिटाकर जांघ, पिंडलियों पर प्रेशर कप बांधे जाते हैं। ये नीचे से ऊपर तक फूलते रहते हैं। विभिन्न प्रक्रियाओं के जरिए हार्ट की मांसपेशियों का हृदय प्रवाह वापस चालू हो जाता है और मरीज की एंजाइना की शिकायत खत्म हो जाती है। चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि हार्ट के साथ कैंसर, लीवर और गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीडित मरीजों के लिए ईई-सीपी तकनीक एक विकल्प की तरह काम करेगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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