10 साल तक काम करेगा ये छोटा पेसमेकर
(India)
हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को आने वाले समय में जटिल और पारंपरिक पेसमेकर से छुटकारा मिल सकता है, क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक बेहद छोटे आकार का पेसमेकर विकसित किया है। हृदय गति सामान्य करने और ब्रेडिकार्डिया (मंदस्पंदन) बीमारी के इलाज में पेसमेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हृदय गति बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिकल इंपल्स भेजने के लक्षणों से छुटकारा दिलाता है। ब्रेडिकार्डिया में हृदय गति कम हो जाती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह पेसमेकर 10 साल तक बिना रुके काम कर सकता है। इस रोग में हृदय गति प्रति मिनट 60 से भी कम हो जाती है। अमेरिका के टेक्सास स्थित ह्यूस्टन मेथोडिस्ट हॉस्पिटल के वैज्ञानिकों ने इस ‘माइक्रो ट्रांसकैथेटर पेसिंग सिस्टम’ (टीपीएस) का विकास किया है, जो ब्रेडिकार्डिया से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए दुनिया का सबसे छोटा पेसमेकर है। इस पेसमेकर को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की मंजूरी मिल चुकी है। इस उपकरण का आकार एक बड़े विटामिन के कैप्सूल जितना है। इसमें पारंपरिक पेसमेकर की तरह कार्डियक वायर की जरूरत नहीं पड़ती है। ह्यूस्टन मेथोडिस्ट हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक पॉल स्कूरमैन ने कहा, ‘यह उपकरण इतना छोटा है कि इसे एक कैथेटर के माध्यम से सीधे दिल में आसानी से स्थापित किया जा सकता है।’

Author: JAN TV Editorial Team

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