3 सेब या 2 टमाटर खाते हैं रोज तो स्मोकिंग का दुष्प्रभाव भी होगा खत्म
(DELHI, DELHI) सेब और टमाटर के फायदों के बारे में तो लगभग सभी जानते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों के एक ताजा अध्ययन में टमाटर और सेब के जो फायदे बताए हैं वो गौर करने लायक हैं। शोध में कहा गया है कि तीन सेब रोज खाए जाएं तो इससे फेफड़ों की एजिंग की समस्या को धीमा किया जा सकता है। इतना ही नहीं इससे 10 सालों के स्मोकिंग के दुष्प्रभाव को भी खत्म किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने बताया है कि इस मामले में दो टमाटर भी उतने ही फायदेमंद हैं जितने के तीन सेब। लेकिन इसकी एक शर्त यह है कि सेब या टमाटर ताजा और प्राकृतिक होना चाहिए। ये बहुत दिन से स्टोर किए न हों और न ही प्रोसेस्ड हों। शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रोसेस्ड टमाटर और सेब से ऐसा फायदा नहीं मिला।
यदि कोई पिछले 10 साल से स्मोकिंग कर रहा है और उसके फेफड़ों को इससे नुकसान हुआ है तो टमाटर और फलों का सेवन इस समस्या को दुरुस्त कर सकता है। खासकर फलों में सेब।
जॉन हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने दो टमाटर या तीन सेब रोज खाने वालों पर यह अध्ययन किया है। शोधकर्ताओं ने पाया है फलों में सेब एक ऐसा फल है जिनमें फेफड़ों को दुरुस्त करने वाले रसायन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
शोध में पाया गया है कि स्मोकिंग करने वालों को होने वाली इन्क्योरेबल क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मनी डिसार्डर सीओपीडी जैसे गंभीर समस्या में भी फलों के सेवन से टाला जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने 650 लोगों की डाइट और फेफड़ों के फंक्शन का अध्ययन किया और इसमें जो तथ्य सामने आए उन्हें बिट्रेन की एक मैगजीन में प्रकाशित किया। शोधकर्ताओं लोगों की फेफड़ों की क्षमता का पता लगाया कि वह कितनी ऑक्सीजन लेते हैं और कितनी बाहर निकालते हैं। इसके 10 साल बाद इन्हीं लोगों के फेफड़ों की क्षमता का परीक्षण किया। इस परीक्षण में पाया गया कि जिन लोगों की डाइट में सेब टमाटर शामिल किए गए थे उनके फेफड़ों दूसरों की तुलना में ज्यादा मजबूत हैं। खासकर स्मोकिंग करने वालों के फेफड़ों में काफी सुधार देखने को मिला।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।