अमेरिका के खाने से जुड़े विशेषज्ञ केरी ग्लासमैन का कहना है कौनसी खाने के चीजें आग या गैस पर पका कर खानी हैं और कौनसी कच्ची ये उनके पोषक तत्वों पर निर्भर करता है। तो आइए जानते हैं कि विभिन्न शाकाहारी चीजों को पका कर खाना और उन्हे्ं चक्का खाना, शरीर पर कितना अलग-अलग असर डालता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रोकली में फाइबर विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। लेकिन अगर इसे उबाल कर या फिर भाप में पकाया जाए तो इसके सभी पोषक तत्व और ज्यादा मात्रा में निकलते हैं जो शरीर के लिए अच्छा है। हालांकि कुछ अध्ययन में ये भी कहा गया है कि कच्ची ब्रोकली खाने से सुल्फोरफेन नाम का तत्व शरीर में पहुंचता है जो कैंसर से लड़ने में मदद करता है। इसलिए अगर कच्ची ब्रोकली खा रहे हैं तो दो कप खाइए और पका कर खा रहे हैं तो एक कप से कम मात्रा बहुत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक कप कच्ची गाजर खाना फायदेमंद होता है। वहीं इसे पका रहे हैं तो डेढ़ कप गाजर बहुत है। हालांकि ज्यादातर ऐसा माना जाता है कि गाजर को पकाने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। लेकिन गाजर में बेटा-कैरोटीन अधिक मात्रा में मौजूद होता है जो आपकी नजर का बेहतर बनाता है और ये तत्व गाजर को पकाने के बाद ही प्राप्त होता है कच्ची गाजर में नहीं।
Author: JAN TV Editorial Team
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