यूरोप के लोग आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त करने दक्षिण भारत अथवा श्रीलंका जाते हैं और निश्चित धारणाएं लेकर लौटते हैं।उन धारणाओं के आधार पर रोगोपचार का प्रयास करते हैं। ठंडे इलाकों में नारियल के तेल के स्थान पर तिल के तेल का प्रयोग करना चाहिए। ठंडे स्थानों में चावल को आहार नहीं बनाना चाहिए।
सच तो यह है कि चावल रात के समय नहीं खाना चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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