सरिस्का में बाघों की नानी व सबसे उम्रदराज बाघिन एसटी-2 की तबीयत नासाज हुई है। यह बाघिन मंगलवार को राजगढ़ वन क्षेत्र के कूंचा में रास्ते में बैठी दिखाई दी। टीम ने मौके पर पहुंच कर बाघिन को ट्रेक्यूलाइज किया और बाघिन को पिंजरे में लेकर एनक्लोजर में छोड़ा गया है। बाघिन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। बाघिन एसटी-2 सरिस्का में सबसे उम्रदराज है। सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ाने में एसटी 2 का अहम रोल रहा है। इसकी संतान ने भी शावक दिए हैं। इसलिए एसटी2 को बाघों की नानी कहा जाता है। सरिस्का प्रशासन को मंगलवार सुबह करीब 8 बजे बाघिन एसटी-2 के कूंचा में रास्ते पर बीमार जैसी अवस्था में बैठी होने की सूचना मिली थी। इस पर सरिस्का के अधिकारी मौके पर पहुचे। उन्होंने चिकित्सकों के दल को मौके पर बुलाया। उन्होंने ट्रंक्यूलाइज करने की उच्चाधिकारियों की अनुमति ली । जिसके बाद चिकित्सकों की टीम बाघिन के स्वास्थ्य का अवलोकन किया और सलाह दी कि वृद्धावस्था में होने के कारण बाघिन के पीछे के पैर कमजोर हो गए हैं। साथ ही आगे के पांव में घाव भी होने की संभावना जताई।
Author: JAN TV Editorial Team
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