चिंता यानी एंग्जायटी आखिर किसे नहीं होती । हर व्यक्ति को किसी घटना, स्थिति को लेकर डर या चिंता रहती है। लेकिन अगर चिंता का स्तर लंबे वक्त तक बना रहे, या व्यक्ति इसे इग्नोर करे, तो यह एंग्जायटी अटैक का रूप ले लेती है। एंग्जायटी अटैक में व्यक्ति हर वक्त चिंता, डर और बेचैनी का अनुभव करता है। उसकी दिल की धड़कन तेज होने लगती है और घुटन की हद तक सांस फूलने लगती है।शरीर में अन्य तरह के बदलाव भी देखने को मिलते हैं। इस समय मन और शरीर कुछ अलग ही तरह से प्रतिक्रिया करते हैं। हालांकि चिंता के लक्षण बहुत आसानी से नजर नहीं आते, इन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए हम यहां आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन पर अगर आप थोड़ा ध्यान दें, तो एंग्जायटी अटैक से बच सकते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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