IVF Clinics में लापरवाही: महिला ने अजनबी बच्चे को जन्म दिया
(India) प्रजनन संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे दंपत्तियों के लिए इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) एक आशा की किरण बनकर उभरा है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया से आई एक चौंकाने वाली घटना ने इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्रिस्बेन में एक महिला ने IVF के ज़रिए मां बनने के बाद पाया कि उसने जिस बच्चे को जन्म दिया, वह उसका जैविक संतान नहीं था।
यह घटना एक प्रतिष्ठित आईवीएफ क्लिनिक में हुई, जहां चिकित्सीय टीम की लापरवाही के चलते भ्रूणों की अदला-बदली हो गई। क्लिनिक के विशेषज्ञों ने गलती से उस महिला के गर्भ में किसी दूसरी महिला का भ्रूण प्रत्यारोपित कर दिया था।
कैसे सामने आया मामला
यह गड़बड़ी तब उजागर हुई जब उस महिला और उसके साथी ने अपने शेष भ्रूणों को किसी अन्य आईवीएफ सेवा प्रदाता को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया। नए प्रदाता ने जब भ्रूणों की गिनती की, तो यह संख्या अपेक्षा से अधिक पाई गई, जिससे संदेह गहराया।
जांच में साफ हुआ कि भ्रूण प्रत्यारोपण के दौरान एक गंभीर चूक हुई थी, जिसके चलते महिला के गर्भ में दूसरे दंपत्ति का भ्रूण चला गया।
आईवीएफ सेंटर ने मानी गलती
घटना की जानकारी मिलते ही क्लिनिक ने एक सप्ताह के भीतर संबंधित माता-पिता को सूचित किया और इस मानवीय त्रुटि के लिए खेद जताया। क्लिनिक के सीईओ ने सार्वजनिक माफी जारी करते हुए कहा कि वे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से बेहद दुखी हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब इस सेंटर में ऐसी चूक हुई हो। कुछ समय पहले भी इसी संस्था पर आनुवंशिक परीक्षणों में गलती के चलते 700 से अधिक मरीजों को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था, जिसके बाद संस्था को करोड़ों डॉलर के समझौते करने पड़े थे।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।